NEET Paper Leak Kavita: श्रम ही है ईमान हमारा | ताटंक छंद में तीखा व्यंग्य । kavitaon_ki_yatra
संसार में विद्यार्थी नामक जीव एक ऐसा जीव है जो कभी भी संघर्षों से घबराता नहीं है, पर NEET paper leak जैसी समस्या उसके इस उमंग व उत्साह को क्षीण अवश्य कर देती है। उस विद्यार्थी को कैसा अनुभव होता है, ताटंक छंद में हिन्दी कविता के रूप में मेरा प्रयास सादर प्रस्तुत है । -----Kavitaon_ki_yatra महीनों की तपस्या जब चंद रुपयों में बिक जाती है! (NEET पेपर लीक की हताशा को दर्शाता चित्र) श्रम ही है ईमान हमारा: NEET Paper Leak पर ताटंक छंद कविताएँ श्रम ही है ईमान हमारा, डरते हम करने से क्या? एक गाँव डायन भी छोड़े, तुम विद्या भी छोड़े क्या? दिवा-रात्रि सब होम किया है, सुख जीवन के त्यागा है। लीक किये थोड़ा क्या सोचे, कोई रातें जागा है॥ पौरुष हीन मनुज जब होगा,सृजनशील फिर ना होगा। आलस को जिसने रोपा है, कंटक उसने ही भोगा।। क्यों वंशबेल ही नाश रहे, उग जाने तो दो थोड़े। चलना ही प्रारम्भ किये जो, रास्ते उनके क्यों मोड़े।। फूलों पे अभी चलेंगे जो, शूलें क्या सह लेंगे वो।।...