हमारे बारे में

"काव्य के प्राचीन संस्कारों और आधुनिक भावों का संगम - कविताओं की यात्रा"

साहित्य प्रेमी मित्रों, सादर अभिवादन!

मैं भारत भूषण पाठक 'देवांश', इस ब्लॉग 'कविताओं की यात्रा' का सूत्रधार हूँ। मेरा जन्म १ जनवरी १९८८ को ग्राम-धौनी (शुम्भेश्वरनाथ) में हुआ। साहित्य की विभिन्न विधाओं में मेरी गहरी अभिरुचि है, विशेष रूप से छंदों के अनुशासन को सीखना और उन्हें आधुनिक परिवेश में प्रस्तुत करना मेरी साधना का मुख्य अंग है।

इस ब्लॉग का उद्देश्य:

आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहाँ हमारी प्राचीन काव्य परंपराएँ और शास्त्रीय छंद (जैसे वर्णिक और मात्रिक छंद) कहीं ओझल होते जा रहे हैं, मेरा यह विनम्र प्रयास है कि मैं उन विधाओं को सरल और रोचक ढंग से आप तक पहुँचा सकूँ। यहाँ आपको छंदमुक्त और छंदयुक्त कविताओं का वह सफर मिलेगा, जो परंपरा की जड़ों से जुड़ा है।

मेरी उपलब्धियाँ और जुड़ाव:

• 'साहित्य संगम संस्थान' (नई दिल्ली) के माध्यम से छंदों के व्याकरण को सीखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

• संस्थान द्वारा 'रश्मिरथी', 'साहित्य सहिष्णु' और 'श्रेष्ठ कृतिकार' जैसे सम्मानों से पुरस्कृत।

• मेरा प्रथम काव्य संग्रह 'काव्यसमिधा' प्रकाशित हो चुका है।

• 'हिन्दी रक्षक मंच' इंदौर द्वारा सम्मानित।

यूट्यूब यात्रा (@Kavitaon_ki_yatra):

लेखन के साथ-साथ मैं अपनी रचनाओं का सस्वर पाठ भी साझा करता हूँ, ताकि पाठक और श्रोता छंदों की लय और तरंग को महसूस कर सकें।

मेरा ध्येय वाक्य:

"सर्व विधाओं को सीखने को तत्पर क्योंकि सीखता है मनुज जीवन पर्यंत, देह नष्ट हो जाती है मगर सीखना न अंत।"

मुझसे जुड़ें:

यदि आप भी साहित्य और छंदों के प्रति प्रेम रखते हैं, तो इस यात्रा में आपका स्वागत है। आप अपने सुझाव या प्रतिक्रिया मुझे 'varytheuntoldmystery@gmail.com' पर भेज सकते हैं।

सादर

भारत भूषण पाठक 'देवांश'

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